धोनी के इस्तीफे की वजह यह तो नहीं!
Breaking News : प्रशंसक, पूर्व खिलाड़ी और क्रिकेट से जुड़े तमाम लोग महेंद्र सिंह धोनी के उस हालिया फैसले पर हैरान रह गए, जब सभी प्रारूपों में भारत के सबसे सफल कप्तान ने सीमित ओवरों के खेल में भारत की कप्तानी छोड़ दी। लोगों ने हैरानी भरी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धोनी से ऐसा क्यों किया? वहीं दूसरे लोग इस सवाल को दूसरे नजरिये से भी पूछ रहे हैं कि आखिर धोनी को ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए था? दशक भर से देश की कप्तानी संभाल रहे धोनी का यही अंदाज रहा है कि उन्होंने निजी हितों पर टीम को ही हमेशा तरजीह दी है। निश्चित रूप से इस पहलू ने अहम भूमिका निभाई हो लेकिन पूरी कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती। व्यावसायिक हितों जैसे शब्द की व्याख्या करते हुए लोढ़ा समिति की रिपोर्ट में दर्शाया गया, 'डी टीम का कप्तान है। साथ ही वह खेल प्रबंधन एजेंसी में सह-मालिक भी है, जो टीम के अन्य सदस्यों से जुड़े अनुबंधों को देखती है। डी हितों के टकराव से प्रभावित है।' रिपोर्ट में आगे कहा गया, 'इस मामले में जब असंदिग्ध साख वाले तमाम क्रिकेटरों से पड़ताल की गई कि कि आखिर हितों के टकराव की क्या स्थिति...